नियमों में आसानी और संस्थागत माहौल में देश के बड़े राज्यों में नंबर-1
रायपुर जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निवेशक-हितैषी नीतियों, सुशासन और प्रशासनिक सुधारों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में छत्तीसगढ़ ने नियमों में आसानी (Regulatory Ease) और संस्थागत माहौल (Institutional Environment) जैसे निवेश के सबसे महत्वपूर्ण मानकों में देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं पर्यावरणीय लचीलेपन (Environment Resilience) में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है। यही नहीं, निवेशकों के बढ़ते विश्वास का परिणाम है कि पिछले 18 महीनों में छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर, एआई डेटा सेंटर, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के उद्योग भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरकार की बागडोर संभालने के बाद से ही निवेश, उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया है। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की इसी नीति का परिणाम है कि राष्ट्रीय स्तर के स्वतंत्र आकलन में छत्तीसगढ़ ने कई स्थापित औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
क्रिसिल और नीति आयोग के संयुक्त आकलन में राज्य को कुल 47.5 अंक प्राप्त हुए हैं। समग्र रैंकिंग में छत्तीसगढ़ 17 बड़े राज्यों में नौवें स्थान पर है, लेकिन निवेशकों के भरोसे से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण मानकों में उसका प्रदर्शन देश में सर्वश्रेष्ठ रहा है।
कारोबार शुरू करना पहले से कहीं आसान
नियमों में आसानी (Regulatory Ease) के मानक में छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं, जो राजस्थान, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों से भी अधिक हैं। यह मानक इस बात का आकलन करता है कि किसी उद्योग को मंजूरी मिलने में कितना समय लगता है, एनओसी, निर्माण अनुमति, बिजली और पानी के कनेक्शन कितनी तेजी से उपलब्ध होते हैं, वाणिज्यिक न्यायालय कितनी प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं और व्यवसाय बंद करने की प्रक्रिया कितनी सरल है।
इस श्रेणी में पहला स्थान मिलने का सीधा अर्थ है कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों को कम प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। अनुमतियां तेजी से मिलती हैं, अनुपालन की लागत कम है और निवेशकों को हर स्तर पर बेहतर प्रशासनिक सहयोग प्राप्त होता है।
मजबूत संस्थागत व्यवस्था बनी निवेशकों की ताकत
संस्थागत माहौल में भी छत्तीसगढ़ ने 6 में से 4.5 अंक प्राप्त कर देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। यह श्रेणी शासन की गुणवत्ता, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, श्रमिक विवाद, नीतिगत स्थिरता और शिकायतों के त्वरित समाधान जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करती है।
इस उपलब्धि से स्पष्ट है कि राज्य में स्थिर, भरोसेमंद और निवेशक-अनुकूल प्रशासनिक व्यवस्था विकसित हुई है। उद्योगों को नीति में निरंतरता, त्वरित निर्णय और विवादों के शीघ्र समाधान का लाभ मिल रहा है, जिससे दीर्घकालीन निवेश का विश्वास मजबूत हुआ है।
पर्यावरणीय सुरक्षा में भी अग्रणी
पर्यावरणीय लचीलापन के मानक में छत्तीसगढ़ देश के बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा है। राज्य को 5 में से 4 अंक प्राप्त हुए हैं और इस श्रेणी में केवल तमिलनाडु उससे आगे है। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी के मामले में भी छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन बड़े राज्यों के औसत से काफी बेहतर रहा है।
इसका अर्थ यह है कि औद्योगिक परिसंपत्तियां और आपूर्ति श्रृंखला अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित हैं, जिससे दीर्घकालीन निवेश के लिए राज्य की विश्वसनीयता और बढ़ती है।
संसाधनों और वित्तीय अनुशासन ने बढ़ाया भरोसा
संसाधनों की उपलब्धता के मामले में छत्तीसगढ़ बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर है। राज्य देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला एवं लिग्नाइट उत्पादक है तथा धातु और अधात्विक खनिजों के उत्पादन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है।
वित्तीय स्वास्थ्य के मानक में राज्य को 7 में से 5.4 अंक प्राप्त हुए हैं, जो मजबूत वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत स्थिरता का संकेत हैं। राज्य के सकल मूल्य वर्धित में उद्योग क्षेत्र की 52.8 प्रतिशत हिस्सेदारी इसे देश की सबसे अधिक औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं वाले राज्यों की श्रेणी में स्थापित करती है।



